एकादशी कब है 2026? सभी 24 एकादशी तिथि, व्रत नियम एवं पारण समय

यदि आप जानना चाहते हैं कि Ekadashi kab hai 2026, तो यहाँ 2026 की सभी 24 एकादशी तिथियाँ, माहवार विवरण और व्रत नियम दिए गए हैं।

Ekadashi Kab Hai 2026 – सभी 24 एकादशी तिथि और व्रत नियम

📅 Ekadashi Kab Hai 2026? (Quick Answer)

  • पहली एकादशी – 14 जनवरी 2026
  • अंतिम एकादशी – 20 दिसंबर 2026
  • कुल – 24 एकादशी

📌 2026 की सभी एकादशी तिथियाँ (नई दिल्ली आधारित)

जनवरी 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
14 जनवरी 2026षटतिला एकादशीबुधवारकृष्ण
29 जनवरी 2026जया एकादशीगुरुवारशुक्ल

फरवरी 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
13 फरवरी 2026विजया एकादशीशुक्रवारकृष्ण
27 फरवरी 2026आमलकी एकादशीशुक्रवारशुक्ल

मार्च 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
15 मार्च 2026पापमोचनी एकादशीरविवारकृष्ण
29 मार्च 2026कामदा एकादशीरविवारशुक्ल

अप्रैल 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
13 अप्रैल 2026वरुथिनी एकादशीसोमवारकृष्ण
27 अप्रैल 2026मोहिनी एकादशीसोमवारशुक्ल

मई 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
13 मई 2026अपरा एकादशीबुधवारकृष्ण
27 मई 2026पद्मिनी एकादशीबुधवारशुक्ल

जून 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
11 जून 2026परम एकादशीगुरुवारकृष्ण
25 जून 2026निर्जला एकादशीगुरुवारशुक्ल

जुलाई 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
10 जुलाई 2026योगिनी एकादशीशुक्रवारकृष्ण
25 जुलाई 2026देवशयनी एकादशीशनिवारशुक्ल

अगस्त 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
09 अगस्त 2026कामिका एकादशीरविवारकृष्ण
23 अगस्त 2026श्रावण पुत्रदा एकादशीरविवारशुक्ल

सितंबर 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
07 सितंबर 2026अजा एकादशीसोमवारकृष्ण
22 सितंबर 2026परिवर्तिनी एकादशीमंगलवारशुक्ल

अक्टूबर 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
06 अक्टूबर 2026इंदिरा एकादशीमंगलवारकृष्ण
22 अक्टूबर 2026पापांकुशा एकादशीगुरुवारशुक्ल

नवंबर 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
05 नवंबर 2026रमा एकादशीगुरुवारकृष्ण
20 नवंबर 2026देवउठनी एकादशीशुक्रवारशुक्ल

दिसंबर 2026

तिथि एकादशी नाम वार पक्ष
04 दिसंबर 2026उत्पन्ना एकादशीशुक्रवारकृष्ण
20 दिसंबर 2026मोक्षदा एकादशीरविवारशुक्ल

नोट: स्थान विशेष के अनुसार तिथि में हल्का परिवर्तन संभव है।



📿 एकादशी व्रत कैसे रखें? (विस्तृत मार्गदर्शिका 2026)

एकादशी व्रत केवल उपवास नहीं बल्कि आत्मसंयम, अनुशासन और भक्ति का अभ्यास है। यदि आप 2026 में एकादशी व्रत रखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है।

🔹 दशमी के दिन क्या करें?

  • सात्विक एवं हल्का भोजन करें
  • लहसुन, प्याज, मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें
  • एक समय भोजन लें
  • मन और वाणी को संयमित रखें

🔹 एकादशी के दिन नियम

  • अन्न का पूर्ण त्याग करें
  • फलाहार, दूध, मेवा या निर्जला व्रत रखें
  • भगवान विष्णु की पूजा करें
  • "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें
  • विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें

🔹 द्वादशी पारण नियम

  • सूर्योदय के बाद निर्धारित समय में पारण करें
  • पहले जल या तुलसी युक्त जल ग्रहण करें
  • सात्विक भोजन से व्रत खोलें

⏰ पारण समय का महत्व क्या है?

एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब द्वादशी तिथि में उचित समय पर पारण किया जाए। पंचांग अनुसार पारण समय का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। देर से या तिथि समाप्त होने के बाद पारण करने से व्रत का पुण्य कम हो सकता है।


🔱 स्मार्त और वैष्णव एकादशी में अंतर

कभी-कभी एकादशी दो दिनों में पड़ती है। ऐसे में परंपरा अनुसार अंतर किया जाता है:

  • स्मार्त एकादशी: गृहस्थ लोग पहले दिन व्रत रखते हैं।
  • वैष्णव एकादशी: यदि एकादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाए तो अगले दिन व्रत रखा जाता है।

यह अंतर पंचांग गणना और परंपरा पर आधारित है।


🌿 एकादशी का आध्यात्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार एकादशी 11 इंद्रियों के नियंत्रण का प्रतीक है — पाँच कर्मेंद्रियाँ, पाँच ज्ञानेंद्रियाँ और मन। उपवास द्वारा इंद्रियों पर संयम रखने से आत्मिक उन्नति होती है।

पद्म पुराण और स्कंद पुराण में एकादशी को पापों का नाश करने वाली तिथि बताया गया है। इसे "हरि वासर" भी कहा जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है।


💠 स्वास्थ्य की दृष्टि से एकादशी

समय-समय पर उपवास करने से पाचन तंत्र को विश्राम मिलता है। फलाहार आधारित व्रत शरीर को हल्का और मन को स्थिर बनाता है। हालांकि, यदि किसी को स्वास्थ्य समस्या हो तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।


🌟 प्रमुख एकादशी का विशेष महत्व

निर्जला एकादशी

सभी 24 एकादशी का फल देने वाली मानी जाती है। इस दिन जल तक ग्रहण नहीं किया जाता।

देवउठनी एकादशी

चातुर्मास समाप्त होता है और विवाह जैसे शुभ कार्य प्रारंभ होते हैं।

मोक्षदा एकादशी

भगवद्गीता जयंती इसी दिन मनाई जाती है।

वैकुण्ठ एकादशी

दक्षिण भारत में विशेष रूप से मनाई जाती है।


❓ FAQ – Ekadashi 2026

1. Ekadashi kab hai 2026?

2026 में कुल 24 एकादशी हैं। पहली 14 जनवरी और अंतिम 20 दिसंबर 2026 को है। ऊपर माहवार पूरी सूची दी गई है।

2. जनवरी 2026 में एकादशी कब है?

14 जनवरी और 29 जनवरी 2026।

3. फरवरी 2026 में एकादशी कब है?

13 फरवरी और 27 फरवरी 2026।

4. एकादशी साल में कितनी बार आती है?

सामान्यतः वर्ष में 24 बार, अधिक मास में 26 बार।

5. क्या महिलाएँ एकादशी व्रत रख सकती हैं?

हाँ, श्रद्धा और स्वास्थ्य अनुसार व्रत रखा जा सकता है।

6. क्या एकादशी में पानी पी सकते हैं?

सामान्य व्रत में हाँ। निर्जला व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता।

7. एकादशी में चावल क्यों नहीं खाते?

शास्त्रीय मान्यता अनुसार इस दिन चावल त्याग करना शुभ माना जाता है।

8. पारण कब करना चाहिए?

द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद निर्धारित समय में।


🔔 निष्कर्ष

अब आपको स्पष्ट है कि Ekadashi kab hai 2026 और वर्ष 2026 की सभी एकादशी तिथियाँ क्या हैं। यह पेज 2026 का संपूर्ण एकादशी प्राधिकृत मार्गदर्शक है जहाँ तिथि, नियम, पारण समय और महत्व की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध है।